बाघल टुडे (अर्की):- हिमाचल प्रदेश में मौजूदा कांग्रेस सरकार द्वारा बीते तीन वर्षों में 1250 से अधिक स्कूलों को बंद या मर्ज करना बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण कदम है। यह बात आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अशोक चंदेल ने कही। उन्होंने कहा कि
आम आदमी पार्टी इस फैसले की कड़ी निंदा करती है और इसे सीधे तौर पर प्रदेश के बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय मानती है। उन्होने कहा कि प्रदेश के दूर-दराज़ और ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों का बंद होना न केवल बच्चों की शिक्षा तक पहुंच को कठिन बना रहा है, बल्कि इससे ड्रॉपआउट दर बढ़ने का खतरा भी पैदा हो गया है। छोटे बच्चों को अब लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कई परिवार अपने बच्चों की शिक्षा ही छुड़ाने पर मजबूर हो रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था, जो कभी पूरे देश में एक मजबूत मॉडल मानी जाती थी, आज लगातार कमजोर होती जा रही है। शिक्षकों की कमी, संसाधनों का अभाव और अब स्कूलों का बंद होना—ये सब मिलकर आने वाली पीढ़ी के भविष्य को अंधकारमय बना रहे हैं। आम आदमी पार्टी यह स्पष्ट करना चाहती है कि शिक्षा किसी भी समाज की नींव होती है। अगर नींव को ही कमजोर कर दिया जाए, तो विकास की कल्पना बेमानी हो जाती है। कांग्रेस सरकार के ये फैसले दर्शाते हैं कि उनकी प्राथमिकताओं में शिक्षा कहीं भी शामिल नहीं है।
इसके विपरीत, दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकारों ने शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार किए हैं—सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया, शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया और बच्चों के लिए बेहतर माहौल तैयार किया गया। आज ये मॉडल पूरे देश में सराहा जा रहा है।
आम आदमी पार्टी हिमाचल प्रदेश के लिए भी इसी तरह की मजबूत, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था की कल्पना करती है, जहां हर बच्चे को उसके घर के पास ही बेहतरीन शिक्षा मिल सके।
अंत में, आम आदमी पार्टी यह कहना चाहती है कि आज जो फैसले लिए जा रहे हैं, उन्हें आने वाली पीढ़ी जरूर याद रखेगी। कांग्रेस सरकार को यह समझना होगा कि शिक्षा के साथ किया गया हर गलत फैसला प्रदेश के भविष्य को कमजोर करता है।
कांग्रेस सरकार ने हिमाचल की शिक्षा व्यवस्था पर लगाया ताला, बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ -अशोक चंदेल
