बाघल टुडे (अर्की):- नागरिक अस्पताल अर्की में बुधवार को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर दूनी चन्द के नेतृत्व में मनाया गया। इस कार्यक्रम में काउंसलर डॉ विजय कुमार शांडिल ने ब्लड प्रेशर से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को बताया कि रक्तचाप वह बल होता है जो रक्त हृदय से निकलकर धमनियों की दीवारों पर डालता है। सामान्य व्यस्क व्यक्ति का ब्लड प्रेशर लगभग 120/80 एमएम एचजी होना चाहिए यदि यह स्तर लंबे समय तक 140/90 एमएम एचजी या उससे अधिक रहता है तो उसे उच्च रक्तचाप माना जाता है। डॉ शांडिल ने कहा कि भारत में हर तीसरा व्यक्ति उच्च रक्तचाप से प्रभावित है, लेकिन उनमें से बहुत कम लोगों को इसकी जानकारी होती है। यह बीमारी धीमे-धीमे हृदय,मस्तिष्क, किडनी और आंखों को क्षति पहुंचा सकते हैं, इसलिए समय रहते इसकी पहचान और रोकथाम आवश्यक है।

इस अवसर पर स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सत्य शर्मा,भूषण वर्मा तथा लीला दत्त गर्ग भी उपस्थित रहे दोनों अधिकारियों ने आशा कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि वे स्वास्थ्य विभाग की रीड की हड्डी है और उनके माध्यम से ही समुदाय के अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकती हैं।
उन्होंने आशा वर्करों को ब्लड प्रेशर के सामान्य लक्षण जैसे लगातार सिर दर्द,चक्कर आना, थकान, सीने में दर्द,धुंधली दृष्टि, और नाक से खून आना की पहचान करने के लिए प्रशिक्षित किया ताकि वह जरूरतमंद लोगों को समय पर अस्पताल भेज सकें। इस कार्यक्रम में 27 आशा कार्यकर्ताओ ने भाग लिया।

