बाघल टुडे (ब्यूरो):- मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने करियर और वर्तमान सरकार का पहला बजट पेश करते हुए शाइनिंग हिमाचल की परिकल्पना विधानसभा में रखी। 53413 करोड़ के 2023-24 वित्त वर्ष के बजट में 13 बड़ी परियोजनाएं प्रदेश के विकास को पंख लगाएंगी। दो घंटे 17 मिनट के बजट भाषण में 30 हजार नई नौकरियों के साथ बेरोजगारों को बड़ी राहत दी है। साथ ही दूध उत्पादकों को बड़ा लाभ देने के लिए शराब की हर बोतल पर दस रुपए ‘काऊ सेस’ लगाने की घोषणा की। 68 विधानसभा क्षेत्रों में डे-बोर्डिंग स्कूल और आदर्श स्वास्थ्य संस्थान खोले जाएंगे। 31 मार्च, 2026 तक राज्य को ‘ग्रीन एनर्जी स्टेट’ के रूप में विकसित करने की घोषणा के साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल प्रदेश की सबसे बड़ी प्राथमिकता में शुमार हुए हैं। पहली बार पर्यटन का हब और सरकार की प्राथमिकता कांगड़ा जिला होगा और इसे राज्य की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जाएगा। हिमाचल के 75 वर्षों के इतिहास में पहली बार शिमला के जाठिया में नया शहर विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में 53413 करोड़ का जो बजट प्रस्तुत किया है, यह 4704 करोड़ के राजस्व घाटे और 9900 करोड़ के राजकोषीय घाटे का है। इस बजट में राज्य सरकार की कमाई 37,999 करोड़ और खर्चा 42704 करोड़ रहने का अनुमान है। हालांकि बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है। मुख्यमंत्री ने इसे ग्रीन बजट की संज्ञा दी है, क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर राज्य सरकार ने पहली बार बंपर सबसिडी का ऐलान किया है। यह सबसिडी बस, ट्रक, स्कूटी इत्यादि पर मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका पहला बजट व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में एक कदम है। इस बजट में पर्यावरण को बचाने के लिए हिमाचल को ग्रीन स्टेट बनाने के लिए कदम उठाए गए हैं। इसके साथ ही पर्यटन, परिवहन, इन्फ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश के जरिए राज्य के संसाधनों को बढ़ाया जाएगा।
13 नई योजनाएं लाते समय मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार की कई योजनाओं को समेट दिया है। सीएम की नई योजनाओं में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल, मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना, मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री सुरक्षित बचपन अभियान, कृषि विभाग के लिए हिम उन्नति, दुग्ध उत्पादन के लिए हिमगंगा, मुख्यमंत्री लघु दुकानदार कल्याण योजना, मुख्यमंत्री ग्रीन कवर मिशन, मुख्यमंत्री सडक़ एवं रखरखाव योजना, राजीव गांधी स्वरोजगार योजना, सद्भावना योजना और मुख्यमंत्री रोजगार संकल्प सेवा शामिल है। इन योजनाओं में वन विभाग के पौधारोपण अभियान में व्यवस्था बदली गई है। अब जिस स्थान पर पौधारोपण होगा, उन पौधों की देखभाल के लिए कर्मचारियों का काडर भी अलग होगा। हिमगंगा 500 करोड़ के साथ लांच होगी, जिसमें किसानों से दूध भी खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री ने बेटियों को प्रॉपर्टी में अधिकार देने के लिए लैंड सीलिंग एक्ट में संशोधन का ऐलान किया। साथ ही विधायक निधि को बहाल कर दिया। हालांकि कर्मचारियों और पेंशनरों के वित्तीय मामलों से सीएम दूर रहे। न तो पे-कमिशन एरियर पर कोई बात हुई, न ही महंगाई भत्ते पर कोई घोषणा। हालांकि चुने हुए पंचायत या स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों के अलावा अस्थायी कर्मचारियों के मानदेय और वेतन में बढ़ोतरी की गई है। (एचडीएम)
कुल बजट 53413 करोड़
राजस्व प्राप्तियां 37999 करोड़
राजस्व व्यय 42704 करोड़
राजस्व घाटा 4704 करोड़
राजकोषीय घाटा 9990 करोड़
- युवाओं के लिए सरकारी क्षेत्र में30 हजार नौकरियों का प्रावधान
- 20 हजार करोड़ रुपए के निजी निवेश के साथ 90,000 रोजगार
- सिंगल विंडो सिस्टम खत्म होगा, नई उद्योग नीति लाई जाएगी
- बेरोजगार युवाओं को 500 रूटों पर इलेक्ट्रिक वाहन के परमिट
- ई-टैक्सी पर सभी वर्गों के लिए मिलेगा 50 प्रतिशत का उपदान
- शराब पर प्रति बोतल 10 रुपए दूध सेस से बढ़ेगी दूध उत्पादकों की आय
- मछली पालन के लिए तालाब निर्माण को 80 फीसदी की सबसिडी
- मनरेगा दिहाड़ी 28 रुपए तक बढ़ाने को ऐलान, गरीबों को लाभ
- किसानों, पशुपालकों के लिए 500 करोड़ हिम गंगा योजना शुरू होगी
- पहले चरण में 2.31 लाख महिलाओं को प्रतिमाह मिलेंगे 1,500 रुपए
- मेधावी छात्राओं को इलेक्ट्रिक स्कूटी के लिए 25 हजार सबसिडी
- 40 हजार नए पात्र व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन की घोषणा
- चुने हुए पंचायत या स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों के मानदेय में इजाफा
- पैरा वर्करों सहित एसएमसी व आईटी शिक्षकों का मानदेय बढ़ाया
- बेटियों को प्रॉपर्टी में अधिकार देने को लैंड सीलिंग एक्ट में संशोधन
- शिमला के पास जाठिया देवी में हिमुडा की मदद से बसाएंगे नया शहर
जयराम ठाकुर ने बजट को बताया दृष्टिहीन और दिशाहीन
शिमला। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार के पहले बजट को नकार दिया है। विधानसभा में मीडिया से बातचीत के दौरान जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए देने के वादे पर सरकार ने ठगी की है। मुख्यमंत्री बताएं कि 60 से 70 साल की महिलाओं को 1500 अतिरिक्त मिलेंगे या पहले से मिल रही पेंशन में ही अतिरिक्त राशि दी जाएगी। यदि ऐसा है, तो यह महिलाओं के साथ धोखा है। राज्य सरकार को यह भी बताना चाहिए कि हिम केयर और सहारा योजनाओं के लिए पैसा कहां है इनका जिक्र बजट में क्यों नहीं आया। यह बजट एक दृष्टिहीन और दिशाहीन बजट है।
